उमरान मलिक की जीवनी Umran Malik Biography In Hindi


२२ नवंबर १९९९ के दीन जम्मू कश्मीर श्रीनगर में पैदा हुवे उमरान मलिक ko क्रिकेट का शौख बचपन से ही था।  उनके पिता बताते हे की बचपन में उमरान मलिक पूरा दिन हाथ मे बैट बॉल लिए खेलता रहता था।  अब अगर फॅमिली बैकग्राउंड के बात की जाये तो उमरान मलिक एक बेहद ही गरीब फॅमिली से आते हे।  उनके घर मे माता पिता के इलावा उनके दो बड़ी बहिन भी हे।  उनका पिता सब्जी बेचनेका काम किया करते थे।  जिससे उनका घर चलता था।  उमरान मलिक ने बहोत काम उम्र मे ही तय कर लिया था की उन्हे फ़ास्ट बॉलर   बनाना हे।  

हलाकि परिवाल के आर्थिक स्थिति ऐसे नहीं थे की वो उन्हे किसी अच्छे अकादमी से क्रिकेट की ट्रेनिंग करवा सकते।  हलाकि फिर भी उनसे जितना हो सका उतना उमरान मलिक को सपोर्ट किया। 

भले ही उन्हे सुरुवाती समय में कोई प्रॉपर पिच या मैदान नहीं मिल पायी लेकिन फिर भी क्रिकेट में कुछ कर दिखने का जूनून इस हद तक सबर था की वो अपने घर के पास उबर खाबर मैदान पर ही प्रैक्टिस किया करते थे। उमरान मलिक जसप्रीत बुमराह के बोलिंग से काफी प्रेरित थे। 

उमरान मलिक की  मुख्य जानकारी


Umran Malik Biography
पूरा नामUmran Malik
लम्बाई (लगभग)से० मी०- 163
जन्मतिथिNovember 22, 1999
जन्मस्थानSrinagar
बल्लेबाजी शैलीRight-handed
गेंदबाजी की शैलीRight-arm fast 

 और वो खुद भी उनकी तरह ही यॉर्कर बनानेका सपना देखते थे।  अपने पहले स्टेट लेवल ट्रायल में बिना एक भी बॉल डाले ही उमरान मलिक रिजेक्ट हो गए थे।  क्यों की उमरान मलिक के पास क्रिकेट खेलनेवाले जुत्ते  नहीं थे। इसीलिए उन्हे उस ट्रायल में पार्टिसिपेट ही नहीं करने दिया।  इसके बाद उमरान मलिक ने जैसे तैसे पैसा का जुगाड़ कर के अपने लिए एक क्रिकेट शूज ख़रीदे।        

और मौका मिलते ही दोबारा ट्रायल के लिए पहुंच गए।  अब उमरान मलिक पूरी तरह से तैयार थे।  और अपने पहले ही बॉल पर उस बैट्समैन को आउट कर दिया जो की किसीसे भी आउट नहीं हो रहा था।  और उस ट्रायल में उमरान मलिक के बोलिंग स्पीड देख कर सभी सिलेक्टर काफी हैरान रह गए थे।  

और ऐसी जबरजस्त परफॉरमेंस की बदौलत २०२०-२१ सैयद मुस्तफा अली ट्रॉफी खेलनी के लिए जम्मू कश्मीर टीम में सेलेक्ट   हो गए। ये सिलेक्शन हनी  के बाद उनकी मुलाकात फॉर्मल इंडियन क्रिकेटर इरफ़ान पठान से हुवी।  जो की उस समय वो जम्मू कश्मीर टीम के कोच हुवा करते थे।   

इरफ़ान ने उमरान को टैलेंट को पहली नजर में ही पहचान लिया।  इसीलिए उन्होने तुरंत उनको निखरनेका काम सुरु कर दिया।  इरफ़ान ने उमरान के बोलिंग एक्शन से लेकर उनकी लाइन लेंथ जैसे सभी चीज में सुधर कर के उनकी टैलेंट को एक सही राह दिखाई।  इरफ़ान के इलावा उमरान के दोस्त अब्दुल समद ने भी काफी उनकी मदद की।  और सीनियर हनी के नाते मानसिक रूपसे मजबूत बनाने में भी काफी मदत की।  

उमरान मलिक ने  सैयद मुस्तफा अली ट्रॉफी में अपना पहला मैच १८ जनुअरी २०२१ के दिन खेला।  और इस पहले ही मैच में ३ विकेट लेकर उन्होने अपने सिलेक्शन को सही साबित कर दिया।  इसके बाद २७ फेब्रुअरी २०२१ बिजय हजारी ट्रॉफी में खेलते हुवे उन्होने अपना LIST -A में भी डेब्यू किया। और लगातार अच्छे परफॉरमेंस के कारन २०२१ के आईपीएल में SRH  ने नेट बॉलर की तौर पर उन्हे सेलेक्ट कर लिए गए।   

आईपीएल के बिच में ही सरह  के बॉलर टी नत्रजन को कोरोना हो गया।  इसलिए रेप्लस की जगह उमरान को मिली।  इस आईपीएल में उमरान ने कुल ३ ही मैच खेला।  लेकिन फिर भी अपने फ़ास्ट बोलिंग स्पीड से सब का मन मोहित कर लिया।  

और इसका असर ये हुवा की २०२१ के टी-२० वर्ल्ड कप में इंडियन टीम के  नेट बॉलर की तौर पर सेलेक्ट कर लिया गया। और इतना ही नहीं अगलेय साल के आईपीएल में ४ करोड़ में SRH  ने उन्हे ख़रीदा।  उमरान का सपना था की वो १५५ KM /PH  की स्पीड से बॉल डाले। और २०२२ के आईपीएल में वो अपने सपने को आलरेडी पूरा भी कर चुके हे।  इस साल के आईपीएल में वो अपने बोलिंग से सिर्फ फैंसको ही नहीं बल्कि सेलेक्टर को भी बहोत इम्प्रेस किये।  

 

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