विराट कोहली की जीवनी Virat Kohli Biography In Hindi

 नमस्कार दोस्तों आज हम लोग जानेंगे विराट कोहली क बारेमे और साथ कुक्स अनसुनी या फिर उनके बारेमे बताया गया झूठी बाते भी।  मुझे नहीं लगता की विराट कोहली का नाम इस क्रिकेट जगत में परिचय की मोहताज हे / जिस तरह जिस तेजी से उन्होने रन बनायीं हे उतनी ही तेज गती से उन्होने लोकप्रियता भी पायी हे।  क्रिकेट क भिसेषज्ञ उन्हे भबिस्य क सचिन तेंदुलकर मानते हे। विराट कोहली का पापा एक बकील थ।  वो अपने परिवार में सबसे छोटे हे।  उनका एक बड़ा भाई और एक बड़ी बेहन भी हे।   


विराट की माँ  केहती  हे जब विराट ३ साल के थे तभी से उन्होने बैट पकड़ लिया था / और अपने पापा को अपने साथ खेलने क लिए हमेशा परेशां किया करते थे / कोहली दिल्ली क उत्तमनगर में बड़े हुवे और बिशाल भारतीय बिधायलय से शिक्षा ग्रहण किया।   विराट को क्रिकेट क प्रति रूचि देख कर उनके पडोशी का कहना था की विराट को गल्ली क्रिकेट में अपना समय बर्बाद करने क बजाय किसी Academy  ज्वाइन करना चाहिए।  कोहली क पिता पडोसी क कहने पर ९ बर्ष  के  ही उम्र में विराट को दिल्ली क्रिकेट Academy ज्वाइन करवा दिए। 

अगर भारत में क्रिकेट को अपना पेशा क हिसाब से देखता हे तो ये पेशा क बिकल्प हिसाबसे सबसे बड़ा जोखिम माना जाता हे।  क्यों भारत में हर १० मेसे ८ लोग क्रिकेट देखने और खेलने क सोखिन हे।  लेकिन अगर विराट के पिता और पडोसी मिल जाये तब सब कुक्स आसान हो जाये।  

विराट कोहली  की  मुख्य जानकारी



Virat Kohli Biography
नाम (Name)विराट कोहली
अन्य नाम ( Nick Name)चीकू, रन मशीन
जन्म तारीख (Date of birth)5 नवम्बर 1988
जन्म स्थान(Place)दिल्ली, इंडिया
बेटिंग स्टाइल (Batting Style)राईट-हैण्ड बेट्समेन
शिक्षा (Educational Qualification)बारहवी

विराट को राज कुमार शर्मा ने ट्रेनिंग दी।  खलने क साथ ही साथ कोहली पढ़ाई में भी बहोत अच्छे थे।  उनके शिछक उन्हे बुद्धिमान और होनहार बच्चा बताते हे।  विराट कोहली ने क्रिकेट में सुरुवात अक्टूबर २००२ से की थी।  जब उनको पहली बार दिल्ली क अंडर १५ में शामिल किया गया था।  उस टाइम विराट ने पोली उमरीगर ट्रॉफी में पहली बार प्रोफेशनल क्रिकेट खेला था।  बर्ष २००४ के तक उन्हे दिल्ली अंडर १७ का सदस्य बना दिया गया।  तब उन्हे बिजय मर्चेट ट्रॉफी क लिए खेलना था।  ईएसएस चार मैच क सीरीज में उन्होने ४५० से ज्यादा रन  बनाये थे।

सब कुक्ष सही चल रहा था लेकिन अचानक से २००६ में ब्रेन स्ट्रोक क वजह से कुक्ष दिन बीमार रेहने के बाद उनके पिता की मृत्यु हो गयी।   जिसका विराट क जीबन पर बहोत गेरहा प्रभाव पड़ा था।  वो आज भी इंटरव्यू में अपने सफलता क पीछे अपने पिता के हाथ बताते हे।  कोहली का कहना हे की ये समय मेरे और मेरे परिवार क लिए काफी मुश्किल था।  आज भी उस समय को याद कर के मेरी आखे नम हो जाती हे।  बचपन से ही उनके क्रिकेट प्रशिषण में उनके पिता ने बहोत सहयता की थी।    

मेरे पिता ही मेरा सबसे ज्यादा सहारा थे।  पापा मेरे साथ रोज क्रिकेट खेला करते थे। आज भी कभी कभी मुझे उनके बहोत कम्मी मह्सुश होती हे।  

जुलाई २००६ में विराट को भारत के  अंडर १९ में चुन लिया गया।  और उनका पहला बिदेशी टूर इंग्लैंड था।  इस इंग्लैंड टूर में उन्होने ३ मैच में १०५ रन बनाये थे।  मार्च २००८ में विराट को भारत के अंडर १९ क्रिकेट टीम का कैप्शन बना दिया गया।  मलेसिआ में होनेवाली अंडर १९ वर्ल्ड कप में कप्तानी करनी थी।  इस वर्ल्ड कप में उन्होने बहोत ही शानदार प्रदरसन किया था।    

कोहली को २००९ में श्रीलंका टूर क लिए इंडियन टीम में चुन लिया गय।  इस टूर  में  भारत क दोनों ओपनर सेहवाग और तेंदुलकर दोनों घायल हो गए थे तो विराट को उनकी जगह पहली बार खेलनेको मौका मिला था।  इस टूर में उन्होने अपना पहला ODI सतक बनाया था।  और इस सीरीज में भारत की जित हुवी थी। 

बस तभी से विराट ने कभी भी पीछे मूड क नहीं देखा।  और बहुत ही तेज गती से अपने खेल क बतौलत उन्होने अपने लोकप्रियता भी हासिल करली।  विराट कहते हे में सामने वालेको नहीं देखता हु वह कितना बड़ा खिलाड़ी हे , में बस इतना सोचता हु की मेरे पीछे करोडो फैन का आशिर्बाद हे।  


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